अपराजिता के फूलों से बनाये चमत्कारी नीली चाय | Magical Blue Tea from Blue Aparajita Flowers

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अपराजिता के फूलों से बनाये चमत्कारी नीली चाय | Magical Blue Tea from Blue Aparajita Flowers
अपराजिता के फूलों से बनाये चमत्कारी नीली चाय | Magical Blue Tea from Blue Aparajita Flowers

अपराजिता के फूलों से बनाये चमत्कारी नीली चाय
Magical Blue Tea from Blue Aparajita Flowers


आज हम आपको प्रकृति का अद्भुत वरदान नीली चाय के फायदे शेयर करने जा रहे हैं। ये नीली चाय क्या है और इसके क्या फायदे हैं। ये नीली चाय कैसे बनती है। नीले रंग की ये अद्भुत चाय अपराजिता के फूलों से बनाई जाती है।

वैसे अपराजिता का फूल कई रंगों में होता है खासकर नीले और सफेद रंग का होता है। ये बहुत ही आसानी से मिलने वाला एक आम पौधा है। बारह मासी बेल के रूप में ये एक उष्ण कटिबंधीय पौधा माना जाता है। आयुर्वेद में इसे प्रकृति का वरदान माना गया है। इस जड़ी बूटी को विज्ञान की भाषा में क्लाइटोरिया टर्नेशिया (clitoria ternesia) कहा जाता है। हिन्दी में इसे कोयाला (Koyala) कहा जाता है तो अंग्रेजी में इसे बटरफ्लाई पी (Butterfly P) के नाम से और संस्कृत में इसे गिरी कर्णिका (Giri Karnika) के नाम से जाना जाता है।

blue aparajita flowers | अपराजिता के नीले फूल

अपराजिता का पौधा एक लता वाला (बेल वाला) पौधा है। बेल के रूप में उगता है इसके फूल बड़े ही आकर्षक होते हैं और आकर्षक फूलों के कारण से बगीचे में सजावट के तौर पर लगाया जाता है। ये एक इकहरे फूल वाली बेल होती है और कुछ क़िस्मों में दोहरा फूल भी आता है। फूल भी दो तरह के होते हैं नीले और सफेद। अपराजिता का फूल दिखने में जितना सुंदर होता है, उसमें उतना ही औषधीय गुण भी मौजूद होते हैं। इस पौधे के फूल से नीले रंग की चाय बनाई जाती है, और ये एक हर्बल टी के रूप में संपूर्ण विश्व में उपयोग ली जाती है।

इस फूल से बनी चाय थकावट को मिटाकर आपको स्वस्थ बनाये रखने में मदद करती है। इसका स्वाद भी ग्रीन टी से काफी बेहतरीन होता है। नीले रंग की ये चाय बनाना भी आसान है। अपराजिता के फूलों से ये चाय बनाई जाती है और ये चाय पूरी तरह से हर्बल चाय होती है। कई बीमारियों में ये चाय रामबाण औषधि मानी जाती है।

अपराजिता के फूलों की चाय बनाने के लिए आपको एक कप गर्म पानी करना है। इसमें शक्कर डालने और एक अपराजिता का फूल डाल देना है और इसे थोड़ा सा उबाल लेना है। उबलने के बाद इसे छान लेना है बस आपकी नीली चाय तैयार हो जाती है। चुस्की लीजिए और स्वाद से पीजिए, ब्ल्यू बटरफ्लाई (Blue Butterfly) के नाम से इस चाय को जाना जाता है। ब्लू बटरफ्लाई नाम की ये नीली चाय पोषक तत्वों से भरपूर होती है।

इस पौधे में बहुत से विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भी होते हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होते हैं।
इस पौधे में बहुत से विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भी होते हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

अपराजिता के फूलों में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जस्ता, आयरन और मैगनीज बेहतरीन मात्रा में उपलब्ध होता है। ये सोडियम से भी भरपूर होती है। इस पौधे में बहुत से विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भी होते हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

अपराजिता के फूलों से बनने वाली नीली चाय के फायदे कुछ इस प्रकार हैं | सबसे पहला फायदा अपराजिता के फूलों से बनी ये चाय आपको दिन भर की थकावट से राहत देने वाली होती है पर आपको एकदम रिफ्रेश और रीचार्ज कर देने वाली होती है। आधुनिक भागदौड़ की जिंदगी में थकावट होना लाजमी है और जब आप नीले रंग की इस चाय की एक प्याली शाम को आकर पीते हैं तो ये आपकी सारी थकावट को समाप्त कर देती है, और आपको रिचार्ज करके तरोताजा महसूस करने देती है। यदि आप अक्सर तनाव में रहते हैं तो फिर अपराजिता के फूलों की चाय यानि की नीली चाय आपके लिए कुछ खास होगी क्योंकि यह अपराजिता के फूलों से तैयार यह चाय आपको तनाव से दूर रखने में माइंड को रिलैक्स करने वाली होती है।

अपराजिता के फूलों की चाय के नियमित सेवन से त्वचा में अद्भुत निखार आने लगता है।
अपराजिता के फूलों की चाय के नियमित सेवन से त्वचा में अद्भुत निखार आने लगता है।

नियमित रूप से जब आप एक कप ये चाय पीते हैं तो आपको ये खूबसूरत त्वचा भी प्रदान कर सकती है। अपराजिता के फूलों की चाय के नियमित सेवन से त्वचा में अद्भुत निखार आने लगता है। अपराजिता के फूलों में कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं जो खून को साफ रखने में मदद करते हैं और जब आपका खून साफ होता है तो आपकी त्वचा स्वतः ही अपने आप ही निखरने लगती है। कील मुहांसे भी दूर होने लगते हैं। बड़ी-बड़ी कंपनियां इन फूलों का इस्तेमाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने के लिए इस्तेमाल करती है। चेहरे की रंगत को निखारने के लिए आप यह पराजित के पौधे की जड़ का लेप अपने चेहरे पर लगाइए। ये आपके चेहरे की रंगत को निखार देगी। ग्रीन टी और हर्बल टी की तरह ही अपराजिता के फूलों की नीली चाय वजन को घटाने में मदद करती है। ताइवान और चाइना जैसे देशों में लोग इस चाय का सेवन अपने बॉडी वेट को कंट्रोल करने के लिए करते है।

अपराजिता के फूलों की चाय में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। जैसा कि पहले बताया गया है और इसीलिए इस चाय को ठंड लगने पर सर्दी या जुकाम लगने पर एक रामबाण औषधि के रूप में काम में लिया जाता है। अपराजिता के औषधीय गुणों के कारण इस चाय का सेवन उन लोगों के लिए बेहद लाभकारी है जिन्हें मूत्राशय में सूजन है। या फिर डायबिटीज की बीमारी है। इसमें पाए जाने वाले कुछ ऐसे तत्व आपके खून में मौजूद सुगर को कंट्रोल रखने में भी मदद करते हैं। जिन लोगों को शुरुआती स्टेज में शुगर की डायबटीज की दिक्कत है ये चाय उनकी परेशानी को जड़ से खत्म कर सकती है। जिन लोगों की याददाश्त कमजोर है या जो लोग स्टडी कर रहे हैं पढ़ाई कर रहे हैं उनके लिए यह चाय काफी फायदेमंद है क्योंकि अपराजिता के फूलों में याददाश्त बढ़ाने की अद्भुत शक्ति होती है। तो जब आप अपराजिता के फूलों की चाय का सेवन करते हैं तो ये आपकी याददाश्त को अच्छा करने लगती है। जिन लोगों को डिप्रेशन की परेशानी है उन्हें भी इससे काफी फायदा मिलता है। अपराजिता के फूलों में मौजूद कुदरती तत्व प्राकृतिक तत्व कैंसर और दिल की बीमारियों से भी आपको बचाते हैं। अपराजिता के फूलों की नीली चाय का स्वाद ग्रीन टी या ब्लैक टी की तरह कसैला नहीं होता है। एक बार जब आप इस चाय को पियेंगे तो आप ग्रीन, टी ब्लैक टी, लेमन टी आदि के स्वाद को भूल जाएंगे। इस चाय का स्वाद बेहद लाजवाब होता है।

कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करके कैंसर जीवाणुओं को नष्ट करने में भी मदद करता है।
कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करके कैंसर जीवाणुओं को नष्ट करने में भी मदद करता है।

अपराजिता के फूलों में उपस्थित साइक्लोन टाइड कोशिका झिल्ली को टूटने से रोकता है और कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करके कैंसर जीवाणुओं को नष्ट करने में भी मदद करता है। इसके अलावा ये नीली चाय आपको डिटॉक्स करने के लिए,आपके शरीर के जहरीले तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद करती है तो इसके फायदे अनगिनत है। अब समस्या यह है कि इस चाय को आप कहां से खरीद सकते हैं या प्राप्त कर सकते हैं। अपराजिता के फूलों को आप घर पर भी उगा सकते हैं। यदि आपके पास कच्ची जमीन है घर पर तो आप इस बेल को लगा सकते हैं आसानी से इसके बीज आपको ऑनलाइन बाजार में मिल जाते है या फिर आप लोकल नर्सरी से इसके बीजों को प्राप्त कर सकते हैं बेल को भी प्राप्त कर सकते है।

अपराजिता के फूलों के प्रमुख तथ्य

  • अपराजिता के फूलों का उपयोग?
    अपराजिता (aparajita tree) के बीज सिर दर्द को दूर करने वाले होते हैं। दोनों ही प्रकार की अपराजिता बुद्धि बढ़ाने वाली, वात, पित्‍त, कफ को दूर करनी वाली है। अपराजिता के इस्‍तेमाल से सााधारण से लेकर गंभीर बीमारियों का उपचार किया जा सकता है। यह शरीर के विभिन्‍न अंगों में होने वाले सूजन के लिए भी लाभप्रद है।
  • अपराजिता पौधे का दूसरा नाम क्या है?
    बगीचों और घरों की शोभा बढ़ाने के लिए लगाया जाने वाला अपराजिता को आयुर्वेद में विष्णुक्रांता, गोकर्णी आदि नामों से जाना जाता है। आयुर्वेद में सफेद और नीले रंग के फूलों (aparajita flower in hindi) वालों अपराजिता के वृक्ष को बहुत ही गुणकारी बताया गया है।
  • अपराजिता का पौधा घर में लगाने से क्या होता है?
    घर में अपराजिता लगाने से निगेटिविटी दूर होती है। अपराजिता के फूल माँ दुर्गा, शनिदेव, विष्णु भगवान की पूजा में प्रयोग किये जाते हैं। सफेद अपरजिता का फूल भगवान शिव को चढ़ाया जाता है।
  • नीले फूल कैसे होते हैं?
    नीले रंग का फूल गुड़हल, कौमुदी, आक, अपराजिता और कमल का फूल भी होता है। इसके अलावा कई जंगली फूल भी नीले होते हैं। नीले रंग का फूल शनिदेव के अलावा विष्णु, श्रीकृष्ण और लक्ष्मीजी को भी प्रिय है।
  • धन का प्रतीक होते है सफ़ेद अपराजिता के फूल?
    सफ़ेद अपराजिता का पौधा बहुत मुश्किल से मिलता है पर अगर आप इस पौधे को अपने घर में लगाते है तो आपके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है

अपराजिता के फूलों के कुछ महत्वपूर्ण फायदे

  • एंटीऑक्सिडेंट: अपराजिता के फूलों में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो शरीर के ऊतकों को नुकसान से बचाते हैं।
  • इम्यून सिस्टम को मजबूत करने वाला: अपराजिता के फूल इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करते हैं।
  • स्वास्थ्यवर्धक: अपराजिता के फूलों में कई विटामिन्स, मिनरल और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
  • दर्द कम करने वाला: अपराजिता के फूलों के दूध में मौजूद अल्कलॉइड होते हैं जो दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
  • एंटीवायरल: अपराजिता के फूलों में विशेष तत्व होते हैं जो कुछ वायरसों के विरुद्ध लड़ने में मदद करते हैं।
  • स्ट्रेस कम करने वाला: अपराजिता के फूलों में अधिकतम मात्रा में एल्कलॉइड होते हैं जो स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं।
  • श्वसन संबंधी समस्याओं को कम करें: अपराजिता के फूलों में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो फेफड़ों के संक्रमण से बचाते हैं। इसलिए, यह श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे कि खांसी और सर्दी को कम करने में मदद करता है।
  • त्वचा स्वास्थ्य को बढ़ावा दें: अपराजिता के फूलों में एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसलिए, इसे त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे एक्जिमा और दाद से निजात पाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • रक्त शोधक: अपराजिता के फूल रक्त शोधक होते हैं जो शरीर के विभिन्न अंगों में रक्त की सफाई करते हैं। इससे शरीर के विभिन्न रोगों से बचा जा सकता है।
  • प्रतिशामक और तंत्रिका कार्यक्षमता को बढ़ाना: अपराजिता के फूल प्रतिशामक और तंत्रिका कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं जो शरीर के रोगों से लड़ने में मदद करते हैं।
  • शीतलता प्रदान करता है: अपराजिता के फूल शीतलता प्रदान करते हैं जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह गर्मियों में बहुत उपयोगी होता है।