मकर राशि के जातकों के लिए वर्ष 2022 का वर्षफल

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मकर राशि के जातकों के लिए वर्ष 2022 का वर्षफल
मकर राशि के जातकों के लिए वर्ष 2022 का वर्षफल

मकर राशि के जातकों के लिए वर्ष 2022 का वर्षफल


आने वाले वर्ष मे आप सभी का दिल जीत लेंगे और सभी का दिल जीतने के लिए क्या चाहिए। अलग- अलग खूबियां या खामियां हो सकती हैं। व्यक्तित्व का अपना- अपना हिस्सा होता है, परंतु सभी प्रकार के साहित्य, सभी प्रकार का ज्ञान एक बात पर आकर के टिक जाता है कि, यदि आपको किसी का दिल जीतना है, किसी के दिल में प्रवेश करना है, तो आप मीठी वाणी बोल दें। संभवतः इससे ज्यादा आसान उपाय और कोई नहीं हो सकता। पर हमने बचपन से सुना है कि, ऐसी वाणी बोलिए कि मन का आपा खोए औरन शीतल करे और आप बहुत शीतल हो। कई बार मुश्किल हो जाता है जिनसे हम नफरत करते हैं, जो लोग हमें पसंद नहीं है उनके सामने हम चाहते हुए भी मीठा नहीं बोल पाते। हमारा ईगो आड़े आ जाता है। इसको आपको तिलांजलि देनी होगी।

साथ ही मकर राशि के लिए 2022 कैसा रहने वाला है? कौन से उजले और कौन से शाम पक्ष वहां पर है सकारात्मक और नकारात्मक बिंदु इन दोनों पर चर्चा करेंगे।

कई बार बहस होती है कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी लोग मैं विरोध नहीं करता। वो अड़ जाते हैं सामने अपनी बात को लेकर के भाग्य वगेरह कुछ नहीं होता। सब कुछ कर्म है और हर व्यक्ति का भाग्य अपनी मुट्ठी में है वो चाहे अपने भविष्य का निर्माण कर सकता है चाहे तो उसको बर्बाद कर सकता है सत्य बात बिलकुल ठीक। कोई एक नौजवान है उसको बड़ा भाषण दे दीजिए कि, तुम्हारा जो भविष्य तुम्हारी मुट्ठी में बंद है । वह कहेगा मैं क्या करूं उसके लिए मुझे तो मेरे हाथ में कुछ नजर नहीं आ रहा।

2022 कैसा रहने वाला है? मैं आपको एक उपकरण एक चाबी दे रहा हूं और यही है दूसरे शब्दों में कि, अपने भविष्य का निर्माण आप स्वयं कैसे कर सकते हैं। पूरे 2022 कैसे आपके लिए रहने वाला है। यदि उसका होमवर्क, उसकी तैयारी आप पहले से ही कर लेंगे तो आप को सफल होने से कोई रोक नहीं सकता।

हम पहले कुछ सकारात्मक बिन्दुओं के बारे में चर्चा करते हैं फिर कुछ नकारात्मक बिन्दुओं के बारे में भी चर्चा करेंगे और अंत में जानेंगे 4 वो स्वर्णिम सूत्र जो कि यदि आपने अपना लिए 2022 में तो ये आपके जीवन का बेहतरीन वर्ष साबित होगा।

शनि देव जो कि, इस राशि के स्वामी ही हैं स्वयं अपनी ही राशि मकर में है। और वर्ष की शुरूआत से है। इसलिए कुछ ऐसी इंडस्ट्रीज जो कि शनिदेव से संबंधित है लोहा, कैमिकल, पैट्रोल, आयल, बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन उनको ये ज़बरदस्त फायदा देंगे। अब यदि आप व्यापार में है या इससे संबंधित व्यवसाय में है या इससे संबंधित किसी इंडस्ट्री में आप नौकरी करते है तो आप अपनी वाणी में मिठास लाइए। आप जितनी मिठास घोल लेंगे उतना आपको सफलता का स्वाद मीठा मिलेगा।

इसके साथ ही एक और इंडस्ट्री है जिसका मैं यहां पर जानबूझकर के उल्लेख करना चाहूंगा क्योंकि वो सीधे तौर पर तो शनि से संबंधित नहीं है परन्तु वो भी 2022 में बहुत ऊंचाई पर जाने वाली है और वो है फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री।
दिल को जीतने वाली बात है, प्रेम संबंधों की बात है। मकर राशि के साथ दौरान और अप्रेल के बाद तो बहुत ही ज्यादा। यदि आप किसी सच्चे प्रेमी का इन्तजार कर रहे थे वह आपको मिलेगा। यदि आप चाहते थे आप कमिटेड हैं अपने किसी रिलेशनशिप में, तो उस रिलेशनशिप को आगे परिणय सूत्र में बांधने के लिए आपको मौका मिलेगा। यदि आपके प्रेमी या प्रेमिका के घरवाले राजी नहीं थे तो आप उन सब का भी दिल अवश्य ही जीतेंगे अपनी मीठी वाणी से। क्योंकि अप्रेल के अंत से लेकर के आगे गुरुदेव बृहस्पति का गोचर आपके लिए अत्यंत अनुकूल स्थितियां पैदा कर रहा है। नवीन प्रेम संबंधों की स्थापना या प्रेम संबंधों की परिणिति क्योंकि विवाह के माध्यम से होती है तो इसके लिए आपको ढेर सारी अग्रिम बधाई।

अगस्त के बाद ही गुरु की जो कृपा है वो दांपत्य जीवन पर भी पड़ेगी। यदि आप मकर राशि के हैं पर आपके दांपत्य जीवन में खटास है तो वो खटास मिठास में बदल जाएगी। आपको प्रयोग यही करना है मीठी वाणी का प्रयोग करना है, अपने जीवनसाथी के साथ भी और अपने ससुराल पक्ष के साथ भी। एक और खुशखबरी की बात है कि, मकर राशि के जातक जो की शादी शुदा है वो अपने सैकंड अर्थात द्वितीय हनीमून की तैयारी ज़रूर करेंगे। इसके लिए भी आपको ढेर सारी शुभकामनाएं।

कुछ नकारात्मक बिन्दुओं के बारे में भी चर्चा कर लेते हैं।

वर्ष के शुरूआत में जनवरी और फरवरी में आन्तरिक घर कलह हो सकते हैं और उसमें अराजकता की स्थिति पैदा हो सकती। परिवार वहीं जिन्दा रहता है जिसमें कोई एक मुखिया सारे महत्वपूर्ण निर्णय ले। यदि घर का हर सदस्य अपने आप को मुखिया मानने लगेगा तो उस घर की बर्बादी तय है। तो अराजकता की स्थिति अर्थात हर व्यक्ति अपनी अपनी बात पर अडिग रहता है। हर व्यक्ति अपनी टाँग आगे रखने का प्रयास करता है कि, मैं सही हूं और बाकी सारी दुनिया है पूरे जो परिवार वाले हैं वो सब गलत कह रहे हैं। ये स्थिति परिवार को तोड़ सकती है सावधान हो जाइए।
अप्रैल मे शनि कुम्भ राशि में यथा आपके द्वितीय भाव में आ जाएंगे और इस कारण से आपको कोई पुरानी बीमारी जो कि आप समझ चुके थे कि अब तो ये समाप्त हो चुकी है वो पुनः दस्तक दे सकती है। इसलिए अपनी जीवन शैली को सुधारें, अपने भोजन को सुधारें और अपने विचारों को भी सुधारें।

जो भाई और बहन सरकारी नौकरी में कार्यरत है उनको सावधानी जरूर बरतनी चाहिए। उन पर किसी भी प्रकार की विभागीय कार्यवाही हो सकती है उनके आसपास के लोग ही उनके अधिनस्थ और अधिकारी मिल करके उनकी टांग खींचने का कार्य करेंगे। इनके विरूद्ध भी षड्यंत्र बनाने का कार्य करेंगे। सितम्बर और अक्टूबर खास खयाल रखेगा। सितंबर और अक्टूबर में जो मंगल का गोचर है वो पेट, पाचनतंत्र और आंतों इनसे संबंधित कोई रोग आपको दे सकता है तो उसको आप खानपान से व्यायाम से सुधारने का प्रयास करें। हो सके तो मंगल की आराधना जरूर करें। हनुमान चालीसा का नियमित रूप से पाठ करें।

अब थोड़ा विद्यार्थियों के लिए ताकि वो भी सावचेत हो जाएं। फरवरी और मार्च माह में एक बहुत ही बड़े कन्फ्यूजन की स्थिति उनके समक्ष होगी। वो विषय चयन को लेकर क्या हो सकती है, वो संस्थान के चयन को लेकर क्या हो सकती है। वो कॉलेज के चयन को लेकर क्या हो सकती है एवं वो कैरियर के चयन को लेकर की भी हो सकती है। तो इस अनिर्णय की स्थिति में ज्यादा समय न रहें। किसी विद्वान की सलाह लें। अपनी रुचि पर ध्यान दें। अपने परसेंटेज पर ध्यान दें और अपने सपने पर ध्यान दें वही करियर आपको अवश्य चुनना चाहिए।

अब साथियों हमने कुछ सकारात्मक कुछ नकारात्मक दोनों बातें कर ली है। अब यहां पर यदि आप सावधानियां बरतते हैं तो नकारात्मकता हो जाएगी शून्य और सकारात्मकता हो जाएगी एक हजार प्रतिशत। सबसे पहली सावधानी यदि आप परिवार के मुखिया हैं। यदि आप किसी संस्था के मुखिया हैं किसी ऑफिस के मुखिया हैं तो जिम्मेदारी तय करें। यदि आप जिम्मेदारियों को तय नहीं करेंगे तो वहां पर अगर थोड़ा सा आप लापरवाह हो जाएंगे तो बहुत बडे आपको उसके लिए भुगतान करना पड़ सकता है। फैसले जो भी आपको लेना है फैसले यदि महत्वपूर्ण हैं तो उनको लम्बे समय तक टालें नहीं। सही फैसले सही निर्णय तुरंत लें। आपका जो उद्देश्य है जो आप का लक्ष्य है उसमें बदलाव न करें बल्कि अपनी जीवन शैली में बदलाव करें, अपनी मेहनत को और अधिक बढ़ाएं, जितना बदलना है स्वयं को बदलें परिस्थितियां अपने आप बदलेंगी। आपकी जो भी कमजोरियां आपको पता होगी अगर आप ध्यान से बैठेंगे दो मिनट तो आपको अपनी कमजोरी पता लग जाएगी। थोड़ा सा भी यदि विवेक आपके पास है तो उस कमजोरी पर रोने के बजाय उस कमजोरी को अपनी शक्ति बनाइए। ये चारों सिद्धांत आप जरूर अपनाएं।